सच्चा सतगुरु संसार में एक ही होता है जो सतभक्ति देकर सर्व सुख व मोक्ष की प्राप्ति करवाता है इसलिए जबतक सच्चा सतगुरु नही मिलता तब तक गुरू बदलते रहना चाहिए जिस प्रकार एक डॉक्टर से इलाज नही होने पर बहुत से डॉक्टर बदलने पडते है उसी प्रकार सच्चे सतगुरु के लिए गुरू बदलना चाहिए परमात्मा कहते है , जब तक गुरु मिले ना सांचा, तब तक गुरु करो दश पांचा, झूठे गुरू को तुरंत त्याग देना चाहिए जिस प्रकार इलाज नही होने पर डॉक्टर को त्याग कर दुसरे डॉक्टर के पास जाते है झुठे गुरू के पक्ष को, तजत न वादे वार, द्वार न पावे मोक्ष का, ...
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